भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव औद्योगिक प्रगति की दिशा में नई सौगात देने जा रहे हैं. आगामी 2 मई को मुख्यमंत्री इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के फेस वन का भूमिपूजन करेंगे. यह कॉरिडोर प्रदेश की आर्थिक संरचना को अधिक संगठित, सक्षम और निवेश का आदर्श गंतव्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
इंदौर एयरपोर्ट से जुड़ेगा कॉरिडोर
इंदौर-पीथमपुर इकॉनामिक कॉरिडोर 20.28 कि.मी. लंबाई के साथ इन्दौर एयरपोर्ट के पास सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से सीधे जोड़ेगा. इस प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए 1316 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित है, जिसके विकास के लिए कुल 2360 करोड़ रु का प्रावधान मोहन सरकान ने किया है. अधोसंरचना की दृष्टि से 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के साथ दोनों ओर सुव्यवस्थित बफर ज़ोन विकसित किया जाएगा, जो इस कॉरिडोर को एक आधुनिक, सुरक्षित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार योग्य स्वरूप प्रदान करेगा.
इंदौर का ट्रैफिक दबाव होगा कम
यह मार्ग एनएच-47 और एनएच-52 को जोड़ते हुए न केवल इन्दौर शहर के ट्रैफिक प्रेशर को कम करेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स की गति और विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा. इस कनेक्टिविटी का प्रभाव केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह औद्योगिक इकाइयों के लिए लागत में कमी, समय की बचत और सप्लाई चेन में सुधार में भी मददगार साबित होगा.
