भारत की जीडीपी यानी ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी GDP ग्रोथ फर्स्ट क्वार्टर में (Q1FY24 April June) 7.8% तक बढ़ चुकी है। पिछले दो क्वार्टर में भारत की यह सबसे तेज जीडीपी (GDP Growth of India) रही है। पिछले तीन क्वार्टर जुलाई-सितंबर, अक्टूबर दिसंबर और जनवरी मार्च में क्रमश: जीडीपी 6.3, 4.4 व 6.1 प्रतिशत रही थी।
भारत सरकार ने जारी किए जीडीपी (GDP of India) के आंकड़े
गुरुवार (31 अगस्त) को भारत सरकार ने देश की जीडीपी (GDP Growth of India) से जुड़े ये आंकड़े जारी किए हैं। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) के मुताबिक, सर्विसेस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वजह से अप्रैल-जून तिमाही में भारत की इकोनॉमी एक साल में सबसे तेजी से आगे बढ़ी है। GVA यानी ग्रॉस वैल्यू एडेड पिछले क्वार्टर यानी जनवरी-मार्च 2022-23 के 6.5% की तुलना में अप्रैल-जून 2023-24 में 7.8% रहा।
आगे घट सकती है भारत की जीडीप ग्रोथ (GDP Growth)
सर्विस सेक्ट के साथ-साथ कई अन्य वजहों व इन्वेस्टमेंट की वजह से भारत को ये तेजी मिली है। लेकिन फिर भी भारतीय अर्थव्यवस्था हाई इन्फ्लेशन यानी उच्च महंगाई की मार झेल रही है। ऊपर से सामान्य से कम मॉनसून का खतरा, महंगाई को बढ़ाने का काम कर सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सख्त मॉनिटरी पॉलिसी और कमजोर एक्सपोर्ट, फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में GDP ग्रोथ को बुरी तरह से प्रभावित करेंगे।
आखिर क्या है जीडीपी (What is GDP) ?
जीडीपी (GDP) यानी ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट जिसे हिंदी में सकल घरेलू उत्पाद भी कहते हैं, इकोनॉमी के हालातों को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर है। GDP देश के अंदर एक निश्चित समय सीमा में बनाए गए उत्पाद व सेवाओं की वैल्यू को दर्शाती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं उसे भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी अच्छी होती है, तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है और जीडीपी भी ज्यादा होती है।
