जबलपुर डेस्क. मध्यप्रदेश के सबसे बड़े डैमों में से एक जबलपुर के बरगी डैम के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं. पर आपको जानकर हैरानी होगी कि बांध का फुल टैंक लेवल काफी दूर है, इसके बावजूद बांध प्रबंधन को गेट खोलने का फैसला लेना पड़ रहा है. दरअसल, बरगी बांध के कैचमेंट में हो रही भारी बारिश की वजह से डैम प्रबंधन को ये फैसला लेना पड़ा है.
क्यों खोले जा रहे बरगी डैम के गेट?
बता दें कि जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए इसके कई गेटों को खोला जा सकता है. रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना (बरगी डैम) के मुख्य अभियंता एस बी सिंह ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बरगी डैम के 14 हजार 556 स्केवयर किलोमीटर के कैचमेंट एरिया में पिछले चार दिनों में भारी बारिश हुई है. इस भारी बारिश की वजह से बरगी डैम का जलस्तर गुरुवार शाम चार बजे तक 416.30 मीटर हो गया है और डैम में प्रति सेकेंड 1 हजार 432 घन मीटर ( 50, 571 क्यूबिक फीट ) पानी की आवक हो रही है. वहीं बांध मैन्युल कहता है कि 31 जुलाई के पहले तक बांध में 417.50 मीटर से ज्यादा पानी नहीं होना चाहिए.
बांध मैन्युल के हिसाब से होते हैं फैसले
मुख्य अभियंता के मुताबिक यदि डैम में इसी रफ्तार से पानी आता रहा तो 28 जुलाई को डैम का जलस्तर 418 मीटर के ऊपर जा सकता है, जो डैम मैन्युल के हिसाब से खतरे की घंटी हो सकती है. ऐसे में बांध का जल स्तर नियंत्रित करने के लिए इसके कई गेट खोलकर पानी रिलीज किया जा सकता है, जिससे यह 417.50 मीटर के नीचे आ जाए. बता दें कि बरगी डैम का फुल टैंक लेवल 422.76 मीटर है.
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निचले क्षेत्रों में अलर्ट
बांध प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किए जाने के बाद जबलपुर से लेकर होशंगाबाद तक जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. प्रशासन द्वारा लोगों को निचले इलाकों व घाटों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है. गौरतलब है कि इस बार भारी बारिश की वजह से बिना बरगी डैम के गेट खोले जाने पर भी भेड़ाघाट का धुआंधार जलप्रपात फ्लैट हो गया है.
