भोपाल : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), मध्यप्रदेश ने संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब पात्र संविदा कर्मचारियों को सेवा पूर्ण होने पर उपादान (ग्रेच्युटी) का लाभ मिलेगा. यदि किसी कर्मचारी का सेवा अवधि के दौरान निधन हो जाता है, तो उसके आश्रितों को भी यह राशि प्रदान की जाएगी.
पहली बार आश्रित को मिला मृत्यु उपरांत ग्रेच्युटी का भुगतान
इस नई व्यवस्था के तहत 8 जुलाई को पहली बार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा एक दिवंगत संविदा कर्मचारी के आश्रित को मृत्यु उपरांत उपादान (ग्रेच्युटी) राशि का भुगतान किया गया. इसे संविदा कर्मचारियों के कल्याण और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. अपर मिशन संचालक श्रीमती दिशा प्रणय नागवंशी के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र के पालन में 26 अगस्त 2025 से ग्रेच्युटी भुगतान की प्रक्रिया लागू की गई है. उपादान भुगतान अधिनियम, 1972 के तहत 1 सितंबर 2025 के बाद सेवा पूर्ण करने वाले पात्र संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह लाभ मिलेगा। यदि कर्मचारी की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु होती है, तो उसके आश्रित भी इस सुविधा के पात्र होंगे.
अनुग्रह राशि और अनुकम्पा नियुक्ति का भी लाभ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश पहले से ही संविदा कर्मचारियों और उनके आश्रितों को अनुग्रह राशि, अनुकम्पा नियुक्ति और अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है. अब ग्रेच्युटी को भी इस व्यवस्था में शामिल किए जाने से कर्मचारियों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी.
क्या है ग्रेच्युटी (उपादान)?
ग्रेच्युटी एक वैधानिक वित्तीय लाभ है, जो कर्मचारी की सेवा अवधि पूरी होने या कुछ विशेष परिस्थितियों में उसके आश्रितों को दिया जाता है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है.
खबर एक नजर में
- NHM मध्यप्रदेश ने संविदा कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी सुविधा लागू की.
- सेवा अवधि में निधन होने पर आश्रितों को भी मिलेगा उपादान का लाभ.
- पहली बार दिवंगत संविदा कर्मचारी के परिवार को ग्रेच्युटी राशि का भुगतान.
- 1 सितंबर 2025 के बाद सेवा पूर्ण करने वाले पात्र कर्मचारी होंगे लाभार्थी.
- कर्मचारियों को अनुग्रह राशि और अनुकम्पा नियुक्ति जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं.

