• Sun. Jun 21st, 2026

News Hindustan 24x7

सिर्फ सच...

Jabalpur bargi dam update : अति भारी बारिश के चलते बरगी डैम के 15 गेट खोले गए, कई इलाकों में रेड अलर्ट

Byadmin author

Aug 3, 2023
bargi dam jabalpur

बीते 2 दिनों से जबलपुर जिले व उसके आसपास हो रही मूसलाधार बारिश से बरगी बांध में तेजी से पानी की आवक हो रही है। इसके चलते गुरुवार 3 अगस्त को बांध के 15 गेट खोलने का फैसला लिया गया। बांध के कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गुरुवार रात आठ बजे Bargi Dam के 15 गेट 1.76 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए हैं। इस वजह से नर्मदा के निचले इलाकों व घाटों में जलस्तर 5 से 10 फीट तक बढ़ने लगा है और इसके चलते हाई अलर्ट जारी किया गया है।

bargi dam 15 gates

Bargi Bandh से छोड़ा जा रहा इतना पानी

रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना (Bargi Dam Jabalpur) के जलस्तर को नियंत्रण में रखने के लिए 15 गेट खोले गए। इन गेटों से औसतन 4017 क्यूमेक (एक लाख 41 हजार 860 क्यूसेक) पानी छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर इस दौरान 420.60 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका फुल टैंक लेवल 422.76 मीटर है। देखें वीडियो…

बरगी बांध के 15 गेट खुलने से बाढ़ जैसे हालात

बरगी बांध के 15 गेट 1.76 मीटर तक खोले जाने से जबलपुर के ग्वारीघाट, लम्हेटाघाट, भेड़ाघाट और पंचवटी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। घाटों पर पानी का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। कई घाटों पर पानी 30 से 35 फुट तक बढ़ गया है। इसे देखते हुए प्रशासन व एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर हैं। वहीं दूसरी ओर जिले के पनागर क्षेत्र में परियट नदी का जल स्तर बढ़ने से कन्दराखेड़ा गांव में बाढ़ की स्तिथि निर्मित हो गई है। जिला प्रशासन ने लोगों को रेस्क्यू करने के लिए यहां भी होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा है। टीमें बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को बोट के जरिये रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में लगी हुई हैं। वहीं जिला प्रशासन हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। बता दें कि बरगी डैम के 15 गेट खुलने से होशंगाबाद तक हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

गायब हुआ भेड़ाघाट का धुआंधार वॉटरफॉल

बरगी बांध के 15 गेटों से एक लाख 41 हजार 860 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसकी वजह से जबलपुर से 15 किमी की दूरी पर स्थित भेड़ाघाट का धुआंधार वॉटरफॉल गायब हो गया है। नर्मदा नदी का जलस्तर ज्यादा बढ़ने पर यह जलप्रपात गायब हो जाता है। भेड़ाघाट जल प्रपात गायब होने पर मान लिया जाता है कि नर्मदा नदी कभी भी खतरे के निशान को छू सकती है।

अन्य लेटेस्ट आर्टिकल्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…