भोपाल : सीएम डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश को ड्रोन निर्माण और प्रौद्योगिकी का प्रमुख हब बनाने में जुट गए हैं. राज्य सरकार ने इसके लिए कार्य योजना तैयार कर ली है. ड्रोन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन व उपयोग नीति-2025 को स्वीकृति दे दी गई है. इसमें ड्रोन के सुरक्षित और कुशलतम उपयोग के माध्यम से नवाचार, आर्थिक समृद्धि और रोजगार को बढ़ावा देने पर फोकस किया जाएगा. मध्यप्रदेश में ड्रोन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही ड्रोन डेटा रिपॉजिटरी भी बनाई जाएगी.
सीएम मोहन यादव ने कहा कि भविष्य में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ेगा, जो विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा. यह प्रमुख रूप से मानव श्रम की बचत करेगा और सटीक और दक्षता के साथ कठिन स्थानों से भी डेटा संग्रह करेगा. आधुनिक आईटी के उपयोग से कई क्षेत्रों के लिए यह अमूल्य उपकरण साबित हो रहा है. सीएम ने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन से फसल की निगरानी, रोगों का पता लगाने और फसल की पैदावार का मूल्यांकन करने में मदद मिल रही है. इसके साथ ही ड्रोन फर्टीलाइजर और कीटनाशक का छिड़काव भी सटीकता से कर रहे हैं. किसानों के लिए ये किसी वरदान से कम नहीं हैं.
आपदा प्रबंधन में उपयोग किए जाएंग ड्रोन
प्रदेश सरकार ड्रोन को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी इस्तेमाल करेगी. इसके जरिए थर्मल इमेजिंग और हाई-रिजोल्यूशन कैमरों का उपयोग कर प्रभावित जगह व लोगों का पता लगाया जाएगा. प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत तस्वीरें देख बचाव के प्रयासों में मदद की जा सकेगी. आपातकालीन स्थितियों में ड्रोन चिकित्सा आपूर्ति और खाद्य सामग्री भी दुर्गम इलाको में पहुंचाएंगे.
ड्रोन स्कूलों की स्थापना केरगी सरकार
मध्यप्रदेश में ड्रोन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए नई ड्रोन नीति के अंतर्गत ड्रोन स्कूल स्थापित किया जाएगा. इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से निवेश किया जाएगा, जहां ड्रोन संबंधित शिक्षा और ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी. कुल मिलाकर मध्य प्रदेश आने वाले समय में ड्रोन हब बनेगा और सरकार ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है।
